Wednesday, April 8, 2009

ब्लैक

2 comments:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

विवेक भाई अभी हाल ही में इन बंदों ने मुंबई में एक ब्लागर मीटिंग रखवाई थी और अपनी बड़ी छीछालेदर करवाई,ब्लाग्स और वेबसाइट्स को अपना भारी भरकम एड देकर ये लोग विचारों में दबा आक्रोश नहीं खरीद पाए
सप्रेम
जय जय भड़ास

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

यह पैसा अगर भारत के पसीने का है तो भारत आना चाहिये। अडवानी ला सकते हैं - इस पर संशय हो सकता है।