Tuesday, February 24, 2009

अच्युतम केशवम

3 comments:

ज्ञानदत्त । GD Pandey said...

आनन्दम! आनन्दम!

राज भाटिय़ा said...

आनन्दम! आनन्दम! हम भी यही कहेगे
धन्यवाद,

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

बहुत सुँदर !आभार ..यहाँ प्रस्तुत करने के लिये