Friday, December 19, 2008

अंतुले उवाच

अब माननीय अंतुले जी करकरे साहेब के बारे में कुछ बोले । कुछ समय पहिले अचुत जी भी कुछ बोले थे । और कुछ समय पहिले माननीय अमर जी भी शर्मा साहेब के बारे में कुछ बोले थे। माननीय नेताओं को कुछ भी बोलने की लत सी पड़ती जा रही है ।

5 comments:

परमजीत बाली said...

अब बोलने की आदत है तो रूकेगी कैसे?

Gyan Dutt Pandey said...

माननीय अंतुले जी माननीय हैं!

राज भाटिय़ा said...

भारत मै क्या पुरे विश्व मै जब गाय भेंस बोलती है तो उसे...??....के.पास ले जाते है, ओर वोही इलाज इन कमीनो का किया जाये, एक बार ले जाओ फ़िर कभी नही बोलेगे.

dr. ashok priyaranjan said...

अच्छा िलखा है आपने । -

http://www.ashokvichar.blogspot.com

varun jaiswal said...

अजी गीधडों से और उम्मीद क्या की जा सकती है ?