Monday, January 5, 2009

अभी तो मैं ज़वान हूँ - मल्लिका पुखराज

अभी तो मैं ज़वान हूँ




आपकी याद आती रही रात भर

5 comments:

PN Subramanian said...

बहुत खूब. एक अरसे के बाद मालिका की ग़ज़ल सुनी. हमने उन्हें कभी देखा ना था. क्या वीडियो उन्हीं की गयी हुई है? दूसरी ग़ज़ल तो हमने सुनी ही नहीं थी. आभार.

Vivek Gupta said...

हाँ जी पहिला गाना ओरिजिनल है | दूसरा का मुझे मालूम नहीं |

Amit said...

बहुत अच्छी ग़ज़ल है
सुनाने के लिए आभार

Suresh Chandra Gupta said...

मलिका पुखराज की यह मीठी ग़ज़ल सुनवाने के लिए धन्यवाद.

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही सुंदर लगी दोनो गजले , सुनानए के लिये आप का धन्यवाद.