Monday, October 6, 2008

इंस्पेक्टर शर्मा की पत्नी ने ठुकराई अमर की मदद

इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की पत्नी माया शर्मा ने अपने पति की
शहादत पर शक जताने वाले बयानों पर दुख जताया है। उन्होंने अपील की है कि उनके पति की शहादत का मजाक न उड़ाया जाए। एसपी नेता अमर सिंह, जामा मस्जिद के शाही इमाम समेत कुछ नेता बटला हाउस एनकाउंटर में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा के जाने पर सवाल खड़े कर चुके हैं। अमर सिंह ने इस मामले की जुडिशल इनक्वायरी की भी मांग की है। इस बयान से बेहद दुखी माया शर्मा ने अमर सिंह के 10 लाख रुपये के चेक को लेने से इनकार कर दिया है।

माया शर्मा ने एनबीटी से कहा कि यह उनके पति की शहादत का मजाक उड़ाने जैसी बात है। बेटे के गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती होने के बावजूद इंस्पेक्टर शर्मा देश के लिए जान देने चले गए थे, घर में बुजुर्ग माता-पिता, दो अबोध बच्चे और पत्नी होते हुए कितने लोग देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर सकते हैं?

एनकाउंटर और इंस्पेक्टर शर्मा की शहादत पर शक जताने वाले कई बयान आने के बाद पहली बार माया शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस तरह के बयान देने वालों से सवाल किया कि क्या वे देश के लिए बलिदान दे सकते हैं? माया शर्मा ने कहा कि उन्हें अपने पति पर गर्व है। उन्होंने भारत के लिए वह काम कर गए हैं, जो कोई आम इंसान नहीं कर सकता। शहादत पर सवाल उठाने वाले लोगों से उन्होंने कहा कि अगर उन्हें शर्मा के बलिदान पर शक है तो वे देश के लिए इससे बेहतर कर दिखाएं।

माया ने कहा कि शहादत पर शक जताने जैसी विवादास्पद बातें नहीं की जानी चाहिए। इससे पुलिस फोर्स पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। देश में बोलने की आजादी है। कोई कुछ भी बोल सकता है। हालांकि साफ जाहिर है कि एनकाउंटर पर शक जताने वालों के पर्सनल इश्यू हैं।

इसी बीच दिल्ली पुलिस ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें एनकाउंटर से कुछ दिन पहले इंस्पेक्टर शर्मा का ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है। अमर सिंह ने इसी आधार पर इंस्पेक्टर शर्मा के बटला हाउस जाने पर सवाल खड़ा किया है। स्पेशल सेल के डीसीपी आलोक कुमार ने इंस्पेक्टर शर्मा का ट्रांसफर किए जाने की खबरों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ये खबरें सरासर गलत हैं।

7 comments:

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

भाई मेरी तरफ से बधाई स्वीकार करो.. इस लेख के लिए.. ज़रूरत थी ऐसे लेख की पर मिला अब है.. इस पहलू की तरफ कोई ध्यान नही देता.. वजह जानने वाले चुप है..

लोग आएँगे भी मगर कहेंगे कुछ नही.. आपको बधाई.. सिक्के का दूसरा पहलू दिखाने के लिए

Anonymous said...

इसका कोई दूसरा पहलू नहीं था बात साफ थी, शर्मा शहीद हुये, लेकिन अमर सिंह जैसे घटिया, गुंडे, और कमीने राजनीतिज्ञ शहीदों पर भी अपनी गोटियां फिट करने की कोशिश कर रहे थे

माया शर्मा ने इस दलाल की मदद ठुकराकर सही किया

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

देखना चाहता हू की आतंकवादियो के परिवार से आने वाले बयानो से व्यथित होने वाले अब क्या कहते है..

डॉ .अनुराग said...

मूर्ख थे शर्मा ,जो इस देश पर शहीद हुए ,रिश्वत लेते ,ऐ.सी गाड़ी में घुमते ओर अपने बच्चो को डोनेशन देकर अच्छे कालेजो में भेजते ....
लेकिन उन्हें शहीद होने का शौक था वो भी ऐसे देश में जहाँ शाहदत पर सवाल वो उठाते है जिनका अपना कोई चरित्र नही है .तो क्या कल इस देश में भगत सिंह को सिख ,बोस को बंगाली का अश्फुल्लाह खान को मुसलमान बाँट लेगे ?क्या गांधी ओर आजाद पूरे देश के शहीद नही थे ?
क्या वास्तव में इस देश में नैतिक तौर पर इतना दिवालिया - पन आ गया है? क्या कारण है कि एक हम इतने असवेदंशील हो गये है ?क्या इस देश में अब राज ठाकरे ,अमर सिंह जैसे लोग कुछ भी बोलेगे ओर हम अनसुना कर देगे ?क्या अपने देश से प्यार भी अब अपराध है ?क्या अब लगता है आपको कोई पुलिस वाला हम आपके लिए लड़ने को तैयार होगा ?कम से कम ईमानदार लोगो को तो इस देश में चैन से मरने दो अगर जीने नही दे सकते !
मै शर्मसार हूँ की मै इस देश में पैदा हुआ जहाँ शहीदों की वक़्त नही है ....

main chup nahi rahonga said...

maya ji ko sadar prdam . shahid shrma ji ki aatma bhi unke is kdam ka sath degi

Gyandutt Pandey said...

अमर तो यहां भी थे!

श्रीकांत पाराशर said...

Shaheed mohanchandra sharma ki patni ne amarsingh ka cheque louta kar jo karara tamacha mara hai uski goonj poore desh men sunai dee hai. vaise bhi amarsingh jaise nichle star ke netaon ka aap kya bigad sakte hain. unke paas khone ko hai hi kya ?