Wednesday, September 10, 2008

सौर ऊर्जा से रोशन हुए 400 गांव

बिजली की कमी आज का सबसे बड़ा संकट है। पिछले दो दशक से राजनीतिक दलों का यह प्रमुख मुद्दा है। हर आने वाली सरकार इस संकट का ठीकरा पूर्ववर्ती सरकार के सिर फोड़ती रही है। ऐसे में जिले का वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत विभाग [नेडा] ने सौर ऊर्जा से गांवों को रोशन करने की अनोखी पहल की। बात समझ में आयी तो प्रशासन ही नहीं जनप्रतिनिधियों तक ने इसमें अपने स्तर से सहयोग किया। सबकी पहल का नतीजा सामने है। आज जिले के 400 गांवों की गलियां सौर ऊर्जा से रोशन हो रही हैं।
इस उपलब्धि से उत्साहित नेडा के परियोजना अधिकारी एसडी दूबे का कहना है कि अगर इसी तरह सबका सहयोग मिलता रहा तो वित्तीय वर्ष के अंत तक जिले के हर गांव को सोलर स्ट्रीट लाइट से जोड़ दिया जाएगा। गांवों को सोलर ऊर्जा से रोशन करने की यह योजना नई नहीं है, पर उचित पहल व संसाधनों की कमी के नाते यह परवान नहीं चढ़ पा रही थी। जिला अधिकारी श्रीमती रोशन जैकब की तैनाती के बाद गांवों में सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य तेज हो गया। पहले विभाग अपने खर्च पर ही गांवों में स्ट्रीट लाइट लगा रहा था। इसको व्यापक स्वरूप देने में संसाधनों की कमी सबसे बड़ी बाधा थी। नेडा के परियोजना अधिकारी एसडी दूबे ने डीएम को इस बात से अवगत कराया। उन्होंने इसमें रुचि ली और बारहवें वित्त आयोग के तहत क्षेत्र पंचायतों को मिले धन से भी सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट लगाने की अनुमति दी। साथ ही खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस मद में अवशेष धनराशि से गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना करा दी जाए। इस पहल का नतीजा सामने है, जो गांव वर्तमान में सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशन हो रहे है, उसमें सदर ब्लाक के भेलसा, पोखरभिटवा, छितही, महुआपार, रानीपुर, बेलाड़ी, परशुरामपुर विकास खंड के रोहदा, जटवलिया, नागपुर कुंवर, श्रीनगर, बनगवां, पडरी बाबू, हैदराबाद, सिकंदरपुर, भिनगवा खुर्द, हरिगांव, सल्टौवा गोपालपुर के नवोदा, बेरडिया, पिपरा जप्ती, गुरियापुर, हरदिया सहित चार सौ गांव शामिल हैं। इसके साथ ही रोज किसी न किसी क्षेत्र से इसके लिए डिमांड भी आ रही है, लेकिन हर स्ट्रीट लाइट पर 28,200 रुपये का खर्च आने से धन की कमी आड़े आ रही है। इसे दूर करने के लिए नेडा जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग ले रहा है और अब सांसद, विधायक व ब्लाक प्रमुख भी इसमें रुचि लेने लगे है। सर्वाधिक सहयोग परशुरामपुर ब्लाक ने किया है। इस ब्लाक से दो माह के भीतर 71 गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगीं जिनमें से 31 गांव सिर्फ परशुरामपुर ब्लाक के हैं। इस तरह इस बाबत धन उपलब्ध कराने में परशुरामपुर ब्लाक सबसे आगे रहा।
सौर ऊर्जा की यह चमक और भी तेज हो इसके लिए डीएम श्रीमती रोशन जैकब ने खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि 12वें वित्त आयोग के धन का भी उपयोग सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने में किया जाए, जिससे धन की कमी इस अभियान में आड़े न आए।

1 comment:

निरन्तर - महेंद्र मिश्रा said...

bhaut badhiya janakaripoorn samachaar.yadi is tarah prayog any jagaho par kiye jave to nisandeh desh me bijali ki samasya se kafi had tak nijaat milegi.